आयकर कैलकुलेटर

अपनी वार्षिक सकल आय, कटौतियाँ (80C/80D/HRA) और आयु वर्ग डालकर पुराना बनाम नया टैक्स रेजीम (2025-26) तुलना करें। धारा 87A रिबेट सहित।

नया रेजीम (2025-26)

पुराना रेजीम

केवल अनुमान। महत्वपूर्ण निर्णय से पहले कर सलाहकार से परामर्श करें।

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भारत में आयकर कैसे निकाला जाता है

यह हिन्दी आयकर कैलकुलेटर भारत के 2025-26 वित्तीय वर्ष के नियमों के अनुसार पुराना और नया टैक्स रेजीम दोनों की गणना करता है। आप अपनी सकल आय, कटौतियाँ (80C, 80D, HRA छूट, होम लोन ब्याज) और आयु वर्ग डालें — टूल दोनों रेजीम में देय कर और प्रभावी कर दर दिखाता है, और बताता है कौन सा आपके लिए बेहतर है। सब कुछ ब्राउज़र में, कोई डेटा अपलोड नहीं।

नया रेजीम स्लैब (2025-26, डिफ़ॉल्ट)

₹0-3 लाख: 0%; ₹3-7 लाख: 5%; ₹7-10 लाख: 10%; ₹10-12 लाख: 15%; ₹12-15 लाख: 20%; ₹15 लाख से ऊपर: 30%। धारा 87A रिबेट: ₹7 लाख तक की कर-योग्य आय पर पूर्ण रिबेट (कर शून्य)। स्टैंडर्ड डिडक्शन ₹75,000 वेतनभोगी के लिए। अधिकांश अन्य कटौतियाँ (80C, 80D, HRA) यहाँ उपलब्ध नहीं। गणित पर 4% स्वास्थ्य-शिक्षा उपकर।

पुराना रेजीम स्लैब

₹0-2.5 लाख: 0%; ₹2.5-5 लाख: 5%; ₹5-10 लाख: 20%; ₹10 लाख से ऊपर: 30%। वरिष्ठ नागरिकों (60+) को ₹3 लाख तक छूट, सुपर सीनियर (80+) को ₹5 लाख तक। 87A रिबेट: ₹5 लाख तक की कर-योग्य आय पर। सभी कटौतियाँ उपलब्ध: 80C ₹1.5 लाख, 80D ₹25 हज़ार-₹1 लाख, HRA, होम लोन ब्याज ₹2 लाख, NPS 80CCD(1B) ₹50 हज़ार, स्टैंडर्ड डिडक्शन ₹50 हज़ार।

कौन सा रेजीम चुनें?

सामान्य नियम: यदि आपकी कुल कटौतियाँ ₹3.75-4 लाख से अधिक हैं, पुराना रेजीम बेहतर है। कम कटौतियों वाले (₹7 लाख से कम आय) के लिए नया रेजीम 87A रिबेट के कारण शून्य-कर देता है। होम लोन लेने वाले, बड़े 80C निवेशक, HRA दावेदार — अक्सर पुराना रेजीम चुनते हैं। आईटी पेशेवर, फ्रीलांसर, या बिना-बड़े-निवेश वाले — नया रेजीम।

कटौती अधिकतम सीमाएँ

धारा 80C (PPF, ELSS, LIC, EPF, होम लोन मूलधन): ₹1.5 लाख। 80D (स्व-परिवार स्वास्थ्य बीमा): ₹25,000 (60 से कम), ₹50,000 (वरिष्ठ माता-पिता पर अतिरिक्त)। धारा 24(b) होम लोन ब्याज: ₹2 लाख (स्व-अधिवासित)। 80CCD(1B) NPS: अतिरिक्त ₹50,000। 80E शिक्षा लोन ब्याज: असीमित (8 वर्ष तक)। धारा 80TTA बचत खाता ब्याज: ₹10,000 (सामान्य), ₹50,000 (वरिष्ठ)।

Frequently Asked Questions

नया और पुराना रेजीम में क्या अंतर है?

नया रेजीम (2025-26 डिफ़ॉल्ट) में कम दरें और ₹75,000 स्टैंडर्ड डिडक्शन हैं पर अधिकांश कटौतियाँ नहीं। पुराने में अधिक दरें पर 80C, 80D, HRA, होम लोन ब्याज जैसी कई कटौतियाँ।

धारा 87A रिबेट क्या है?

नया रेजीम: ₹7 लाख तक की कर-योग्य आय पर पूर्ण कर रिबेट (कर शून्य)। पुराना रेजीम: ₹5 लाख तक। यह रिबेट केवल भारतीय निवासियों को मिलती है, NRI को नहीं।

क्या 80C की ₹1.5 लाख सीमा NPS के अलावा है?

NPS धारा 80CCD(1B) के तहत अतिरिक्त ₹50,000 की कटौती अलग मिलती है। तो 80C (₹1.5 लाख) + NPS (₹50,000) = कुल ₹2 लाख। यह केवल पुराने रेजीम में।

क्या मैं बीच साल में रेजीम बदल सकता हूँ?

वेतनभोगी: नियोक्ता को हर साल अप्रैल में सूचित करें; ITR भरते समय भी अंतिम चुनाव कर सकते हैं। व्यवसाय/पेशेवर आय वालों के लिए नियम सख्त — एक बार पुराना चुना तो दोबारा नया में जाना सीमित है।

क्या कैपिटल गेन्स इन कैलकुलेशन में शामिल हैं?

नहीं, यह कैलकुलेटर वेतन/पेशेवर आय पर आधारित है। इक्विटी LTCG (12.5% > ₹1.25 लाख), STCG (20%), और प्रॉपर्टी कैपिटल गेन्स अलग नियमों से लगते हैं।

क्या 4% उपकर अनिवार्य है?

हाँ, सभी कर देनदारों पर 4% स्वास्थ्य और शिक्षा उपकर आयकर पर लगता है। यह कैलकुलेटर इसे अंतिम राशि में पहले से जोड़कर दिखाता है।